टॉन्सिलाइटिस का घरेलू उपचार

आप किसी भी चिकित्सक के पास जाओगे टॉन्सिलाइटिस के इलाज के लिए तो वह तुरन्त ऑपरेशन बतायेगा। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आयुर्वेद अपनाएं।

टॉन्सिलाइटिस के लक्षण 
–लाल और सूजे हुए टॉन्सिल्स  
–टॉन्सिल पर सफेद या पीले रंग का आवरण या धब्बे  
–गले में खराश
–निगलने में परेशानी या दर्द  
–बुखार
–गर्दन में लिम्फ नोड्स का बढ़ना 
–खरखरी, धीमी या भारी आवाज़ 
–सांसों की बदबू
–पेट में दर्द(खासकर छोटे बच्चों में)
–गर्दन में अकड़न
–सिरदर्द

उपचार:–
यदि पुराना टांसिलाइटिस हो तो आधा चम्मच हल्दी मुंह में जितना अन्दर तक डाल सके डाल लें लार के साथ धीरे धीरे अन्दर जायेगा एक घंटे तक अपनी नही पीना है। बच्चों को यदि खाली हल्दी निगलने में समस्या हो तो उसमे थोड़ी मिश्री मिला सकते हैं। सप्ताह में तीन बार लें।
यदि आपको सप्ताह या माह भर से टॉन्सिलाइटिस की समस्या है तो आप दूध या पानी के साथ हल्दी ले सकते हैं।
आधा चम्मच हल्दी दूध या पानी (सुविधानुसार) में डाल कर उबाल लें। और चाय की तरह छोटे छोटे घूंट पिएं। आपके टॉन्सिलाइटिस में शीघ्र लाभ होगा।
धन्यवाद।

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